दोहरा व्यक्तित्व

आज की इस दुनिया में अधिकांश लोग दोहरे व्यक्तित्व के साथ जीते हैं l दोहरा व्यक्तित्व अर्थात, दो चरित्र एक समाज में दिखावे के लिए एवं एक वास्तविक जो उसे ईश्वर ने प्रदान किया हैl ऐसे व्यक्ति समाज में अपने झूठे दिखावे औए बनावटी अच्छाई का सहारा लेकर एक अच्छी छवि बना लेते हैंl ये लोग जब भी चार लोगों के बीच में बैठते हैं तो बड़ी बड़ी बातें करते हैंl अपने झूठे उसूलों एवं आदर्शों का बखान करते हैं l सामने वाले व्यक्ति को प्रतीत होता है, कि वास्तव में वह एक आदर्श चरित्र के साथ बैठा हैl जिसके ह्रदय में किसी के लिए कोई द्वेष नहीं हैl असीम प्यार ही प्यार है, किन्तु जब उन उसूलों और आदर्शों का वास्तविक जीवन में प्रदर्शन करने का समय आता है तो वे पीछे हट जाते हैंl जिन व्यक्तियों के मुँह पर ये उनकी जमकर तारीफ के रहे होते हैं, पीठ पीछे उन्हें जमकर कोसते हैंl

“मैं दोहरा चरित्र नहीं जी पाता हूँ , इसीलिए कभी कभी अकेला नजर आता हूँ”

दोहरा चरित्र

किसी की सहायता भी ये इस मंशा से करते हैं, कि बदले में ये उसका मजाक उड़ाने, उसको नीचा दिखाने और उस पर अपनी सोच थोपने का अधिकार प्राप्त कर सकेंl सामने वाले को नीचा दिखाने के प्रयास में ये स्वयं को उनसे भी नीचा गिरा लेते हैंl इन्हें अपनी तुलना किसी से भी करना पसंद नहीं आता, किन्तु ये आपकी तुलना यदि किसी जानवर से भी करें, तो आप विरोध नहीं जता सकतेl इनकी राय के बिना आप कोई कार्य कर लें तो इनसे बर्दाश्त नहीं होता, और आपकी राय का इनके लिए कोई महत्व नहीं होताl अपने मुँह मिया मिट्ठू बनना इन्हें बहुत भाता है, परन्तु यदि कोई व्यक्ति कुछ सराहनीय करे तो ये उसे कभी भी उत्साहित नहीं करतेl किसी भी कार्य से पूर्व यदि आपने इनकी सलाह ले ली, तब टो आप वह कार्य कभी नहीं कर पायेंगेl क्यूंकि ये आपको इतनी नकारात्मकता से भर देंगे, कि आप उस कार्य को करने की बारे में पुनः भूलकर भी नहीं सोचेंगेl

अपने बनाये हुए नियमों को ये आप पर जबरदस्ती थोपते हैं, और जब बात स्वयं पर आये तो ये उन्हें तोड़ मरोड़ कर अपने अनुसार बदल लेते हैंl अपना किया हुआ एक रुपये का खर्च इन्हें आपके लाख रुपये से ज्यादा लगेगाl इनके अन्दर इतना मैं होता हैं की ये न तो किसी के संघर्ष को समझते हैं, और न ही किसी की भावनाओं को समझते हैंl इन्हें जी हजुरी और चाकरी बहुत रिझाती हैl अहंकार और स्वार्थ इनका आभूषण होते हैंl आपकी हार में ये अपनी जीत समझते हैंl

” जिंदगी में दोहरा चरित्र रखने वाले अंतत: एकाकी जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं”

यदि आप भी किसी ऐसे दोहरे व्यक्तित्व के करीब हैं, तो बेहतर है कि आज, अभी, और इसी वक्त उनसे सम्मानित दूरी बना ली जाये, अन्यथा आप उन्ही के प्रभाव में जीते रहेंगे और अपनी क्षमताओं को कभी नहीं पहचान पाएंगेl याद रखिये, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अपना निर्धारित लक्ष्य हैl तो किसी के झांसे में ना आयें अपने लक्ष्य को पहचाने और निरंतर प्रयत्न करते रहेंl अपने स्वभाव में जियें, दिखावे में नहींl दिखावे से बने अपने क्षणिक होते हैं, किन्तु वास्तविकता से प्रेम करने वाले व्यक्ति कभी आपका साथ नहीं छोड़तेl

 

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