रुक मत राही रे

रुक मत राही, बस चलता रह

July 10, 2019 Priya 0

रुक मत राही रे, तू चल अकेला बड़ा कठिन समय है ये बड़ी कठिन है बेला ।। किसका ढूंढें सहारा, क्यूँ बनता है बेचारा फिरे Read More

हाँ मैंने देखा है

July 6, 2019 Priya 0

हिंदी कविता मैंने देखा है बदलते हुए रिश्तों को , गैरों में छुपे फरिश्तों को ईमान के सस्तों को, दूसरों पे हस्तों को । मैंने Read More

अपना अपना नजरिया

May 26, 2019 Priya 0

किसी भी एक परिस्थिति में या किसी घटना के विषय में, हर व्यक्ति का दृष्टिकोण अलग – अलग होता है। और कई बार दो लोगों Read More

दोहरा व्यक्तित्व

May 10, 2019 Priya 2

आज की इस दुनिया में अधिकांश लोग दोहरे व्यक्तित्व के साथ जीते हैं l दोहरा व्यक्तित्व अर्थात, दो चरित्र एक समाज में दिखावे के लिए Read More

अपने मालिक स्वयं बनो

February 15, 2019 Priya 0

यदि  मैं तुम्हें  बता सकता कि तुम मुझे कितना शर्मिंदा महसूस कराते हो तो तुम कभी मेरी आंखों में देख नहीं पाते सबसे अच्छी सीख, Read More